दिल के अरमान
पूरे हों दिल के अरमान तेरे ... है रब से दुआ मेरी
जब भी खिले चेहरा मेरा.....बस खुशी हो तेरी
तभी धड़के दिल मेरा , जब साँसे हो तेरी
मैं नाचूँ ,गाउँ ,झूमूँ बस धुन हो तेरी
देखूँ मैं सपने हजार बस परछाई हो तेरी .............
तड़पे दिल मेरा तो बस याद हो तेरी........
जब भी देखूँ आईना ,देखूँ उसमें तस्वीर तेरी
अगर लगे घाव जिस्म पे तेरे, तो काँप उठे रूह मेरी
भुला दूँ मैं यह जग सारा ,अगर तुम हो दुनिया मेरी ...
चाहे नकारे सारी दुनिया मुझे , बस दिल में तेरे जगह हो मेरी
बस इतनी सी आरजू बाकी है.........
मैं मर भी जाऊँ इश्क़ में तेरे..........तेरे दिल में जिंदा रहे महोब्बत मेरी
पूरे हों दिल के अरमान तेरे ... है रब से दुआ मेरी ।
- हिमांशु विद्रोही
- हिमांशु विद्रोही
nice
ReplyDeleteThank you sir.........
Deletekya bat hai yar....... tu tho sayar ban gaya. Bahut khub likha hai.
ReplyDeleteHeart touching poem
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