तुम ठीक कहती हो,
हम ऐसा घर बनायेंगें
शहर से थोड़ा दूर
पर गाँव के पास नहीं
हाँ बाहर वाली हाइवे पर
घर में हम पर्दे लगवायेंगें
रंगीन और महंगें अपारदर्शी पर्दे
फर्श पर इटालियन टाइल्स भी लगवायेंगें
और महंगा कालीन बिछायेंगे
चमकती लाइटें होंगी
और एक बड़ा LED भी लगवायेंगें
पर्दे जिनसे दिखेगा नहीं,
सड़क पर मरता हुआ मजदूर
और LED टीवी पर चलती
भारत को विष्व गुरु बनाती
सरकार का गुणगान करती
ख़बरों के शोर के बीच
सुनाई नहीं देगा हमें
बलात्कार से मरती महिला का शोर
हम दो विदेशी कुत्ते भी पालेंगे
ताकि खेलते रहें उनसे और
हमें परेशन ना करे
खेत में आत्महत्या करते किसान की चीख
रात को हम महंगी शराब के नशे में डूब जायेंगे
ताकी रंग को भंग ना करे
बिना भात के भूख से मर गई बच्ची की खबर
अपनी महँगी गाड़ी से हम समुन्द्र तल या पहाड़ों पर पिकनिक मानाने जायेंगे
लौटकर हम अपनी उसी दुनिया में खो जायेंगे
फल और सब्जी भी मॉल से ही लायेंगे
ताकि विघ्न ना डाले
गाँव में पीटे गये दलित की खबर |
तुम ठीक कहती हो
हम एक ऐसा घर बनायेंगें
शहर से थोड़ा दूर
पर गाँव के पास नहीं !
हम ऐसा घर बनायेंगें
शहर से थोड़ा दूर
पर गाँव के पास नहीं
हाँ बाहर वाली हाइवे पर
घर में हम पर्दे लगवायेंगें
रंगीन और महंगें अपारदर्शी पर्दे
फर्श पर इटालियन टाइल्स भी लगवायेंगें
और महंगा कालीन बिछायेंगे
चमकती लाइटें होंगी
और एक बड़ा LED भी लगवायेंगें
पर्दे जिनसे दिखेगा नहीं,
सड़क पर मरता हुआ मजदूर
और LED टीवी पर चलती
भारत को विष्व गुरु बनाती
सरकार का गुणगान करती
ख़बरों के शोर के बीच
सुनाई नहीं देगा हमें
बलात्कार से मरती महिला का शोर
हम दो विदेशी कुत्ते भी पालेंगे
ताकि खेलते रहें उनसे और
हमें परेशन ना करे
खेत में आत्महत्या करते किसान की चीख
रात को हम महंगी शराब के नशे में डूब जायेंगे
ताकी रंग को भंग ना करे
बिना भात के भूख से मर गई बच्ची की खबर
अपनी महँगी गाड़ी से हम समुन्द्र तल या पहाड़ों पर पिकनिक मानाने जायेंगे
लौटकर हम अपनी उसी दुनिया में खो जायेंगे
फल और सब्जी भी मॉल से ही लायेंगे
ताकि विघ्न ना डाले
गाँव में पीटे गये दलित की खबर |
तुम ठीक कहती हो
हम एक ऐसा घर बनायेंगें
शहर से थोड़ा दूर
पर गाँव के पास नहीं !
-हिमांशु विद्रोही
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