कल मैं एक शहर गया था,
शहर जिसे कहते हैं सब दिल्ली
देश की राजधानी दिल्ली |
देश...
अरे वही भारत महान
विश्व गुरु भारत,
बड़ी चौड़ी ऊपरी पुलिये वाली सडकों पर
सड़क किनारे रखा होता है,
एक हरे रंग का डिब्बा |
जिसे अंग्रेजी में कहते हैं डस्टबिन |
उसी डस्टबिन के कचरे में
ढूंढरहे थे दो हाथ
कुछ ऐसा
जिस से मिल जाये भोजन दो जून का |
एक हाथ का नाम था हरपाल,
दूजा था रहमान
था देखकर "विद्रोही" हैरान
पूछा तो समझ आया
भूख का कोई मजहब नहीं होता
- हिमांशु विद्रोही
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